Saturday, 26 November 2016

आप जितना चाहें,पैसा बैंक में जमा करा सकते हैं।


रिजर्व बैंक आँफ इण्डिया के गवर्नर ने साफ साफ रास्ते बताये हैं,खुद जाने औरों को भी बतायें,,साफ सवालों पर उर्जीत(गवर्नर)के साफ जवाब,,,
Q. *मेरे पास एक करोड रुपए कैश हैं। मैं इसे बैंक में जमा कराने जा रहा हूं। क्या मुझे 200%पेनल्टी देनी होगी?*

A. आप जितना चाहें,पैसा बैंक में जमा करा सकते हैं। पर अगर आप 2.5 लाख रुपए से ज्यादा जमा करेंगे तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को बताया जाएगा। डिपार्टमेंट आपके टैक्स रिटर्न से मिलान करेगा। पैसे आय से ज्यादा हुए तो उस पर टैक्स और जुर्माना लगेगा। जुर्माना टैक्स का 200%होगा। 

 अब मान लें कि आपका 1 करोड़ रुपया नॉन डिक्लेयर इनकम है। तो...
-इस 1 करोड़ रुपए का 30%यानी 30 लाख टैक्स कटेंगे। अब इस टैक्स का 200%यानी 60 लाख रुपए जुर्माना लगेगा। इसका मतलब हुआ आप सिर्फ 10 लाख रुपए ही घर लेकर जा सकेंगे,लेकिन अगर यह डिक्लेयर इनकम है और आप पहले ही टैक्स दे चुके हैं,तो फिर कोई कटौती नहीं होगी।

 

Q. *अगर ये 1 करोड़ रुपए डिक्लेयर नहीं है और मैं इसे जमा नहीं कराता हूं तो?*

A. 500/1000 के नोट हैं तो नहीं चलेंगे। इनकम टैक्स रेड में पकड़े गए तो आैर सख्त कार्रवाई होगी।

 

Q. *मैं 1 करोड़ को अलग-अलग लोगों के खाते में 2-2 लाख जमा करा दूं तो?*

A. पॉसिबल तो है। पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भी पता है कि ऐसा हो सकता है। इसलिए 30 दिसंबर तक ऐसे ट्रांजैक्शन पर नजर रहेगी। पिछला रिटर्न देखा जा सकता है। सोर्स पूछा जा सकता है। 

 

Q. *मेरे यहां दो दिन पहले शादी थी। गिफ्ट में 5 लाख के 500/1000 रुपए के नोट जमा हो गए हैं। अब मैं क्या करूं?*

A. आप सभी नोट बैंक से बदलवा सकते हैं। पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सामने शादी के सबूत देने होंगे। मसलन शादी का इनविटेशन कार्ड,होटल या मैरिज हॉल का बिल,कैटरर का बिल आदि,ताकि दावा साबित कर सकें। 1 लाख रुपए से ज्यादा के गिफ्ट पर पूछताछ हो सकती है। बताना पड़ेगा कि किसने कितने पैसे दिए।

 

Q. *बेटी की शादी के लिए जमीन बेची थी। कैश में 10 लाख हैं। कुछ पैसे उधार भी लिए थे,अब क्या करें?*

A. पुराने नोट तो नहीं चलेंगे। आपको ये पैसे बैंक में जमा कराने ही होंगे। जमीन बेची है तो उसके कागजात होंगे। उस पर रकम भी लिखी होगी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को इसकी कॉपी दिखानी होगी। उधार लिया है तो उसका भी सोर्स बताना होगा।

 

Q. *मकान बेचने पर कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक कुछ रकम चेक से और बाकी कैश ली। उस कैश का क्या होगा?*

A. प्रॉपर्टी के पेपर में जो रकम लिखी हुई है,अगर पैसे उससे ज्यादा हैं तो वह काला धन माना जाएगा। उस रकम पर टैक्स भी देना होगा और नियम के मुताबिक जुर्माना भी लगेगा। 

 

Q. *बुजुर्ग हूं,घर में ही पैसे रखता था। 3 लाख रुपए जमा हैं। अब क्या होगा?*

A. खाता खुलवाइए। आम तौर पर बैंक में जो भी पैसे जमा होते हैं,उसे करंट ईयर की कमाई माना जाता है। आपका पैसा अगर पिछले सालों का है तो सबूत और सोर्स बताना होगा। नहीं तो यह काला धन ही माना जाएगा।


Q. *छोटा कारोबारी हूं। 4-5 लाख रुपए घर में रखता हूं। क्या बैंक में जमा करने पर टैक्स देना होगा?*

A. कैश रखने की सीमा टर्नओवर के हिसाब से तय होती है। अगर आपके खातों में दर्ज है कि इतना पैसा रोजाना आता है तो चिंता मत कीजिए। कैश आया है तो अकाउंट में लिखा भी होगा कि वह किस कैटेगरी में आया है। अगर वह इससे अलग है तो काला धन माना जाएगा।

 

Q. *मुझे एक एजेंट ने कमीशन लेकर नोट बदलवाने का ऑफर दिया,क्या करूं?*

A. झांसे में न आएं। बैंकों को नए नोटों की लगातार सप्लाई दी जा रही है। एक दिन इंतजार कर लें,कोई कमीशन नहीं देना पड़ेगा।

 

Q. *काला धन रखने वालों के खिलाफ आगे और भी कार्रवाई पॉसिबल है?*

A. बिल्कुल। कंपनियों के कलेक्शन के हिसाब से कैश रखने की सीमा होती है। इसे घटाया जा सकता है। ज्यादा कैश मिला तो कार्रवाई होगी। पहले सरकार ने 50 लाख रुपए से ज्यादा कमाई वालों से सोने की जानकारी मांगी थी। करीब 80%लोगों का डाटा सरकार के पास है। आगे ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं।

 

Q. *बेटी के गुल्लक में पैसे हैं,वह पूछ रही है कि क्या यह भी काला धन हो गया?*

A. नहीं। लेकिन अगर उसमें 500/1000 के नोट हैं तो बदलवाने पड़ेंगे। सरकार कह चुकी है कि 2.5 लाख रुपए तक जमा कराने वाले निश्चिंत रहें। इस पर कोई पूछताछ नहीं होगी    

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Saturday, 5 November 2016

car & tractor battery maintenance


बैटरी - कार की डैशबोर्ड पर लगा इंडिकेटर बताएगा बैटरी में है किसी तरह की गड़बड़ी

कार बैटरी को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं?
- कार की बैटरी को लेकर पेश आने वाली आम समस्या है बैटरी का डिस्चार्ज होना। कई दिनों तक कार को खड़ा रखने से कार की बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि आप कार को नियमित रूप से चलाते रहें। साथ ही सर्विसिंग पर भी ध्यान दें। ऐसा करने से आपकी कार की बैटरी लंबे समय तक बेहतर परफॉर्मेंस दे सकेगी। बंद गाड़ी की हैड लाइट जलाने और अधिक हॉर्न बजाने से बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है।

बैटरी की नियमित देखभाल के लिए क्या करना होगा?
-बैटरी आपकी कार की ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है। ऐसे में बैटरी की नियमित रूप से देखभाल करनी बहुत जरूरी है। सप्ताह में एक बार बैटरी टर्मिनल के पास जमा एसिड को साफ करें। साथ ही बैटरी के पानी के स्तर को नियमित रूप से जांचते अवश्य रहें। विशेषज्ञ से बैटरी में रीफिलिंग करवाते रहें। बैटरी के पानी को एक स्तर से नीचे कभी न जानें दें। इससे बैटरी खराब हो सकती है।

क्या बैटरी टर्मिनल पर ग्रीस लगाना सही है?
-नहीं, ग्रीस टर्मिनल आपकी बैटरी को खराब कर सकते हैं। हमेशा बैटरी टर्मिनल को साफ रखें, नमी न जमने दें। बैटरी टर्मिनल पर ग्रीस के स्थान पर पैट्रोलियम जैली या फिर रोजमर्रा के प्रयोग में आने वाली वैसलीन का प्रयोग कर सकते हैं। टर्मिनल पर अक्सर नीले रंग का अवशेष जमा हो जाता है तो खतरनाक है और कार की बैटरी से करंट के प्रवाह को रोकता है। यह अवशेष मेटल का क्षय भी करता है इसलिए इसे तुरंत साफ कर देने में ही भलाई है।

बैटरी के लिए पानी अलग होता है?
-जी हां, बैटरी के लिए बाजार में डिस्ट्रिल्ड वॉटर मिलता है। हमेशा इसी का प्रयोग करें। साधारण पानी या फिर एसिड का प्रयोग हरगिज न करें। साधारण पानी में मिनिरल होते हैं। इससे आपकी बैटरी की क्षमता और आयु दोनों कम हो जाती है। इससे बैटरी प्लेट भी खराब हो जाती है। याद रखें की हमेशा कार बंद होने के बाद इंजन ठंडा होने पर ही री फिलिंग करें। और प्रयोग के बाद इसके कैप ठीक प्रकार बंद करें।

बैटरी खरीदते समय क्या बातें ध्यान रखनी होंगी?
-हर कार निर्माता और इंजन क्षमता के अनुसार निर्धारित एंपियर की बैटरी का उपयोग किया जाता है। हमेशा कार निर्माता द्वारा निर्देशित क्षमता की बैटरी का उपयोग करें। फिलहाल बाजार में विभिन्न कंपनियों की बैटरियां बाजार में उपलब्ध हैं। नई बैटरी खरीदते समय उस ब्रांडेड कंपनी को तरजीह दे सकते हैं, जिसका सर्विस नेटवर्क बेहतर हो और वारंटी अधिक समय तक मिलती हो।

मुझे कैसे पता चलेगा कि बैटरी खराब है?
-आपकी कार के डैशबोर्ड पर बैटरी इंडिकेटर दिया जाता है। इस पर हमेशा ध्यान दें क्योंकि यह चिन्ह बैटरी में किसी तरह की गड़बड़ी को बताता है। अगर यह लाइट जलती है तो फौरन मेकेनिक को दिखाएं या बताएं। इसके अलावा यदि कार स्टार्ट होने में परेशानी हो या फिर कार जल्द गर्म हो जाए। तो तुरंत मैकेनिक से जांच करवाएं।

क्या एसेसरीज से बैटरी पर दबाव पड़ता है?
-अधिकतर एसेसरीज कम ऊर्जा खपत वाली होती हैं। साधारणतया इसका प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकिन कार का इंजन ऑफ होने के बाद भी एसेसरीज बैटरी की ऊर्जा खपत करती रहे तो इससे आपकी बैटरी जल्द ही डिस्चार्ज हो सकती है। नई कार के लिए सलाह यही है कि बेतुके ढंग से एसेसरीज न डलवाए। कंपनी ऐसा करने से आपकी बैटरी की वारंटी समाप्त कर सकती है।

कार स्टार्ट न हो तो धक्का लगाना सही है?
-सर्दियों में अक्सर गाड़ी स्टार्ट नहीं होती है। ऐसे में उसे धक्का देकर स्टार्ट करने की प्रथा है लेकिन मॉडर्न कारों में ऐसा करना खतरनाक है। ज़ोर का झटका लगने से उनके इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि विशेषज्ञ की निगरानी में किसी दूसरी गाड़ी की बैटरी से जोड़ कर जंप स्टार्ट दें। इससे गाड़ी को नुकसान नहीं पहुंचेगा।

कार हीट होने से क्या बैटरी प्रभावित होती है?
-जी हां, कार के अधिक हीट होने की दशा में बैटरी का पानी जल्दी सूख जाता है। इससे बैटरी जल्दी ऑक्सीडाइज्ड हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि इंजन की सही देखरेख करें। रैश ड्राइविंग से बचें।

क्या बैटरी लाइफ और ड्राइविंग के तरीके में कोई संबंध है?
- जी हां, आप कैसे कार चलाते हैं इसका कार की बैटरी की उम्र का सीधा संबंध है। यदि आप इंजन पर अधिक दबाव देते हुए चलाते हैं या फिर फॉग लाइट, एसी जैसी एसेसरीज का अधिक प्रयोग करते हैं। तो आपकी बैटरी जल्दी खराब हो सकती है। साथ ही यदि आप रोजाना ड्राइविंग नहीं करते और सिर्फ कम दूरी तक ही सफर करते हैं, तो भी आपकी कार की बैटरी जल्द खराब हो सकती है।

HindUsan power battery


बैटरी - कार की डैशबोर्ड पर लगा इंडिकेटर बताएगा बैटरी में है किसी तरह की गड़बड़ी

कार बैटरी को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं?
- कार की बैटरी को लेकर पेश आने वाली आम समस्या है बैटरी का डिस्चार्ज होना। कई दिनों तक कार को खड़ा रखने से कार की बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि आप कार को नियमित रूप से चलाते रहें। साथ ही सर्विसिंग पर भी ध्यान दें। ऐसा करने से आपकी कार की बैटरी लंबे समय तक बेहतर परफॉर्मेंस दे सकेगी। बंद गाड़ी की हैड लाइट जलाने और अधिक हॉर्न बजाने से बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है।

बैटरी की नियमित देखभाल के लिए क्या करना होगा?
-बैटरी आपकी कार की ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है। ऐसे में बैटरी की नियमित रूप से देखभाल करनी बहुत जरूरी है। सप्ताह में एक बार बैटरी टर्मिनल के पास जमा एसिड को साफ करें। साथ ही बैटरी के पानी के स्तर को नियमित रूप से जांचते अवश्य रहें। विशेषज्ञ से बैटरी में रीफिलिंग करवाते रहें। बैटरी के पानी को एक स्तर से नीचे कभी न जानें दें। इससे बैटरी खराब हो सकती है।

क्या बैटरी टर्मिनल पर ग्रीस लगाना सही है?
-नहीं, ग्रीस टर्मिनल आपकी बैटरी को खराब कर सकते हैं। हमेशा बैटरी टर्मिनल को साफ रखें, नमी न जमने दें। बैटरी टर्मिनल पर ग्रीस के स्थान पर पैट्रोलियम जैली या फिर रोजमर्रा के प्रयोग में आने वाली वैसलीन का प्रयोग कर सकते हैं। टर्मिनल पर अक्सर नीले रंग का अवशेष जमा हो जाता है तो खतरनाक है और कार की बैटरी से करंट के प्रवाह को रोकता है। यह अवशेष मेटल का क्षय भी करता है इसलिए इसे तुरंत साफ कर देने में ही भलाई है।

बैटरी के लिए पानी अलग होता है?
-जी हां, बैटरी के लिए बाजार में डिस्ट्रिल्ड वॉटर मिलता है। हमेशा इसी का प्रयोग करें। साधारण पानी या फिर एसिड का प्रयोग हरगिज न करें। साधारण पानी में मिनिरल होते हैं। इससे आपकी बैटरी की क्षमता और आयु दोनों कम हो जाती है। इससे बैटरी प्लेट भी खराब हो जाती है। याद रखें की हमेशा कार बंद होने के बाद इंजन ठंडा होने पर ही री फिलिंग करें। और प्रयोग के बाद इसके कैप ठीक प्रकार बंद करें।

बैटरी खरीदते समय क्या बातें ध्यान रखनी होंगी?
-हर कार निर्माता और इंजन क्षमता के अनुसार निर्धारित एंपियर की बैटरी का उपयोग किया जाता है। हमेशा कार निर्माता द्वारा निर्देशित क्षमता की बैटरी का उपयोग करें। फिलहाल बाजार में विभिन्न कंपनियों की बैटरियां बाजार में उपलब्ध हैं। नई बैटरी खरीदते समय उस ब्रांडेड कंपनी को तरजीह दे सकते हैं, जिसका सर्विस नेटवर्क बेहतर हो और वारंटी अधिक समय तक मिलती हो।

मुझे कैसे पता चलेगा कि बैटरी खराब है?
-आपकी कार के डैशबोर्ड पर बैटरी इंडिकेटर दिया जाता है। इस पर हमेशा ध्यान दें क्योंकि यह चिन्ह बैटरी में किसी तरह की गड़बड़ी को बताता है। अगर यह लाइट जलती है तो फौरन मेकेनिक को दिखाएं या बताएं। इसके अलावा यदि कार स्टार्ट होने में परेशानी हो या फिर कार जल्द गर्म हो जाए। तो तुरंत मैकेनिक से जांच करवाएं।

क्या एसेसरीज से बैटरी पर दबाव पड़ता है?
-अधिकतर एसेसरीज कम ऊर्जा खपत वाली होती हैं। साधारणतया इसका प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकिन कार का इंजन ऑफ होने के बाद भी एसेसरीज बैटरी की ऊर्जा खपत करती रहे तो इससे आपकी बैटरी जल्द ही डिस्चार्ज हो सकती है। नई कार के लिए सलाह यही है कि बेतुके ढंग से एसेसरीज न डलवाए। कंपनी ऐसा करने से आपकी बैटरी की वारंटी समाप्त कर सकती है।

कार स्टार्ट न हो तो धक्का लगाना सही है?
-सर्दियों में अक्सर गाड़ी स्टार्ट नहीं होती है। ऐसे में उसे धक्का देकर स्टार्ट करने की प्रथा है लेकिन मॉडर्न कारों में ऐसा करना खतरनाक है। ज़ोर का झटका लगने से उनके इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि विशेषज्ञ की निगरानी में किसी दूसरी गाड़ी की बैटरी से जोड़ कर जंप स्टार्ट दें। इससे गाड़ी को नुकसान नहीं पहुंचेगा।

कार हीट होने से क्या बैटरी प्रभावित होती है?
-जी हां, कार के अधिक हीट होने की दशा में बैटरी का पानी जल्दी सूख जाता है। इससे बैटरी जल्दी ऑक्सीडाइज्ड हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि इंजन की सही देखरेख करें। रैश ड्राइविंग से बचें।

क्या बैटरी लाइफ और ड्राइविंग के तरीके में कोई संबंध है?
- जी हां, आप कैसे कार चलाते हैं इसका कार की बैटरी की उम्र का सीधा संबंध है। यदि आप इंजन पर अधिक दबाव देते हुए चलाते हैं या फिर फॉग लाइट, एसी जैसी एसेसरीज का अधिक प्रयोग करते हैं। तो आपकी बैटरी जल्दी खराब हो सकती है। साथ ही यदि आप रोजाना ड्राइविंग नहीं करते और सिर्फ कम दूरी तक ही सफर करते हैं, तो भी आपकी कार की बैटरी जल्द खराब हो सकती है।

Friday, 4 November 2016

इन्‍वर्टर की सही जानकारी

समझदारी से करें बैटरी का चयन
इन्‍वर्टर का सबसे महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा उसकी बैटरी होती है। आमतौर पर आपको इन्‍वर्टर के साथ बैटरी अलग से खरीदनी पड़ती है। वहीं कुछ ब्रांडेड कंपनियां इन्‍वर्टर और बैटरी एक साथ भी बेचती हैं। लेकिन दोनों ही परिस्थितियों में आपको बैटरी के चयन में समझदारी से काम लेना होगा। बाजार में उपलब्ध बैटरी मुख्यतः 3 प्रकार के होती हैं। पहली फ्लैट प्लेट बैटरी, दूसरी ट्यूबलर बैटरी और तीसरी ड्राई या फिर रखरखाव मुक्त बैटरी। इन तीनो बैटरियों में फ्लैट प्लेट बैटरी सबसे सस्ती बैटरी होती हैं, लेकिन उनकी लाइफ कम होती है और अधिक रखरखाव की आवश्यकता पड़ती हैं। रखरखाव मुक्त बैटरी की लाइफ इनसे कुछ ज्‍यादा होती है, लेकिन रखरखाव कम और अधिक लागत की होती हैं। ऐसे में ट्यूबलर बैटरी सबसे बेहतर होती है। इनकी लाइफ लंबी, रखरखाव कम होता है।
जानिए कौन सा उपकरण करता है कितनी बिजली की बचत
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Inverter लें या होम यूपीएस
आज बाजार में इन्‍वर्टर के साथ ही नया सेगमेंट और खड़ा हो गया है। वह है होम यूपीएस। यह इन्‍वर्टर और यूपीएस दोनों का काम करता है। होम यूपीएस डीसी करंट को एसी करंट में बदलकर पावर बैकअप के रूप में प्रयोग करता है। जैसा नाम से ही पता चलता है कि अनइंटरेप्‍टेड पावर सप्‍लाई (यूपीएस) के चलते इक्विपमेंट के मेन स्विच से बंद होने या फ्ल‍क्‍चुएट होने की संभावना नहीं होती। सामान्‍य इन्‍वटर्र जहां स्विच होने में 500 मिली सेकेंड का वक्‍त लेता है। वहीं होम यूपीएस मात्र 3 से 5 सेकेंड में स्विच कर जाता है।
इन्‍वर्टर बैटरी की वॉरंटी और सर्विस सपोर्ट
इन्‍वर्टर क्‍योंकि सबसे ज्‍यादा यूज में आता है। इसलिए खरीदारी के वक्‍त इसकी बैटरी और मशीनरी की अलग अलग वॉरंटी और गारंटी की पड़ताल जरूर कर लें। वॉरंटी होने पर कंपनी खराबी आने पर उसकी फ्री मेंटेनेंस करती है। वहीं गारंटी की दशा में आपको नया प्रोडक्‍ट मिलता है। सामान्‍यतया इन्‍वर्टर पर आपको 5 साल से 7 साल तक की वारंटी मिल सकती है। लेकिन बैटरी के मामले में आपको 2 से 4 साल की गारंटी ही मिलती है। लेकिन खरीदारी की वक्‍त ध्‍यान रखें कि आप जिस कंपनी का इन्‍वर्टर खरीद रहे हैं उसका सर्विस सेंटर आपके शहर या कस्‍बे में उपलब्‍ध है या नहीं। ऐसा नहीं हुआ तो वारंटी या गारंटी होने के बावजूद यह आपके लिए खर्चीला सौदा साबित हो सकता है।